11 अगस्त 2011 - 19:30

फ़त्ह की केन्द्रीय परिषद के सदस्य मरवान बरग़ूसी ने जो इस समय ज़ायोनी जेल में हैं, कल अमरीका को चेतावनी दी

फ़त्ह की केन्द्रीय परिषद के सदस्य मरवान बरग़ूसी ने जो इस समय ज़ायोनी जेल में हैं, कल अमरीका को चेतावनी दी कि यदि उसने संयुक्त राष्ट्र संघ में फ़िलिस्तीनी देश को आधिकारिक रूप से मान्यता की मांग पर वीटो लगाया तो उसे पूरे क्षेत्र में लाखों लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा अगले महीने सितंबर में फ़िलिस्तीनियों की एक स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन की मांग के विषय की समीक्षा करेगा। राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि फ़िलिस्तीनी अधिकारियों का एक स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन के विचार को संयुक्त राष्ट्र संघ में पेश करने का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण क़दम है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के राष्ट्रों के अपने भविष्य निर्धारण के अधिकार से संबंधित प्रस्तावों से समन्वित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पिछले वर्ष फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के अपने भविष्य के निर्धारण से संबंधित प्रस्ताव को बहुमत से पारित किया। इस प्रस्ताव में फ़िलिस्तीनियों के एक स्वाधीन देश होने पर बल दिया गया और संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े सभी अंतर्राष्ट्रीय संगठनों व देशों से फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के इस मूल अधिकार का समर्थन करने की मांग की गयी है। किन्तु अमरीका ने विश्व के देशों की ओर से एक फ़िलिस्तीनी देश के गठन के समर्थन की बारंबार आलोचना की और इसी क्रम में अमरीकी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव में एक स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन हेतु हर प्रकार के प्रयास का विरोध किया है और अमरीकी सरकार ने स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन से संबंधित प्रस्ताव के सुरक्षा परिषद में पेश किए जाने की स्थिति में उसे वीटो करने की धमकी दी है। अमरीका की धमकी से यह स्पष्ट होता है कि उसने ज़ायोनी शासन और फ़िलिस्तीनियों के बीच अब तक जितनी बार वार्ता में मध्यस्थता की उसका लक्ष्य फ़िलिस्तीनियों को अधिकारों से वंचित करने के सिवा और कुछ नहीं था।समाचार समाप्त........166